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GQ
गाड़ी क्विज़
नतीजा
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आपका नतीजा तैयार है!
आपके तीनों जवाबों के हिसाब से हमने गाड़ी चुन ली है
🚗 अपनी गाड़ी देखें →
पहला — टेस्ट राइड उसी तरह लीजिए जैसे रोज़ चलाएँगे। अगर पीछे कोई बैठता है तो टेस्ट राइड भी दो सवारी के साथ लीजिए। अकेले चलाने पर जो गाड़ी हल्की लगती है, वो दो लोगों के साथ भारी लग सकती है।
दूसरा — दो अलग डीलरों से लिखित ऑन-रोड कोटेशन लीजिए। एक ही गाड़ी की ऑन-रोड कीमत दो शोरूम में अलग निकल सकती है, क्योंकि हैंडलिंग चार्ज पर कोई सरकारी नियम नहीं होता। उस पर मोल-भाव हो सकता है और होना चाहिए।
तीसरा — किस्त का हिसाब पहले से लगा लीजिए। शोरूम में पूछा जाएगा “कितनी किस्त बनवानी है?” — और “कम से कम” कहने पर लोन की अवधि बढ़ा दी जाएगी। किस्त घट जाएगी, पर कुल ब्याज कहीं ज़्यादा भर जाएगा।
कीमत के बारे में एक ज़रूरी बात
यहाँ दिखाई गई कीमत लगभग एक्स-शोरूम है। असली ऑन-रोड कीमत इससे आमतौर पर 10 से 18 प्रतिशत ज़्यादा बैठती है, क्योंकि उसमें रोड टैक्स, RTO रजिस्ट्रेशन, ज़रूरी इंश्योरेंस और डीलर का हैंडलिंग चार्ज जुड़ता है। रोड टैक्स हर राज्यये सुझाव आपके दिए गए जवाबों पर आधारित है — कोई बुकिंग, ऑफर या आरक्षण नहीं है। माइलेज कंपनी का बताया हुआ है; असली माइलेज चलाने के तरीके, सड़क और सवारियों पर निर्भर करता है। इलेक्ट्रिक गाड़ी की असली रेंज आमतौर पर बताई गई रेंज से 20 से 30 प्रतिशत कम रहती है। लेने से पहले पास के डीलर से आज का रेट ज़रूर पूछ लीजिए।