इलेक्ट्रिक स्कूटी पर सरकारी छूट: PM E-DRIVE की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026
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PM E-DRIVE के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटी पर ₹2,500 प्रति kWh (ज़्यादा से ज़्यादा ₹5,000) की छूट 31 जुलाई 2026 तक। कौन ले सकता है, कैसे मिलती है, कौन सी गाड़ियाँ शामिल हैं — पूरी जानकारी
अगर आप इलेक्ट्रिक स्कूटी लेने की सोच रहे हैं, तो ये खबर आज ही काम की है।
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केंद्र सरकार की PM E-DRIVE योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर जो छूट मिल रही है, उसकी आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। इसके बाद जो गाड़ी रजिस्टर होगी, उस पर ये छूट नहीं मिलेगी — और उतनी रकम सीधे आपकी जेब से जाएगी।
इस पेज पर वो सब कुछ है जो आपको जानना चाहिए: छूट कितनी है, किन गाड़ियों पर मिलती है, मिलती कैसे है, और तारीख निकल जाने पर क्या होगा।
छूट कितनी मिल रही है?
अभी योजना के तहत ₹2,500 प्रति kWh की छूट मिलती है, और ज़्यादा से ज़्यादा ₹5,000 प्रति गाड़ी।
kWh का मतलब है बैटरी की ताकत। जिस स्कूटी की बैटरी 2 kWh की है, उसे ₹5,000 मिल जाएँगे (2 × ₹2,500 = ₹5,000)। जिसकी बैटरी 1.5 kWh की है, उसे ₹3,750 मिलेंगे। बैटरी 2 kWh से बड़ी हो तो भी ऊपर की सीमा ₹5,000 ही है — उससे ज़्यादा नहीं मिलेगा।
एक बात साफ समझ लीजिए। पहले ये छूट दोगुनी थी। 1 अप्रैल 2025 से पहले ₹5,000 प्रति kWh मिलता था और ऊपर की सीमा ₹10,000 थी। उसके बाद इसे आधा कर दिया गया। यानी जो लोग इंतज़ार करते रहे, उनके हाथ से आधी रकम पहले ही निकल चुकी है।
| कब | प्रति kWh | ज़्यादा से ज़्यादा |
|---|---|---|
| 1 अप्रैल 2025 से पहले | ₹5,000 | ₹10,000 |
| अभी (31 जुलाई 2026 तक) | ₹2,500 | ₹5,000 |
कौन सी गाड़ियों पर मिलती है?
हर इलेक्ट्रिक स्कूटी पर नहीं मिलती। तीन शर्तें हैं:
1. कीमत ₹1.5 लाख से कम हो। गाड़ी की एक्स-फैक्ट्री कीमत डेढ़ लाख रुपये तक होनी चाहिए। इससे महँगी गाड़ी पर छूट नहीं मिलेगी। ज़्यादातर आम स्कूटी इसी दायरे में आती हैं, इसलिए ये शर्त आपके काम में शायद ही आड़े आए।
2. बैटरी एडवांस्ड होनी चाहिए। पुरानी लेड-एसिड बैटरी वाली सस्ती गाड़ियाँ इसमें नहीं आतीं। लिथियम-आयन वाली आती हैं।
3. गाड़ी रजिस्टर होनी चाहिए। बिना रजिस्ट्रेशन वाली धीमी स्कूटी (जिन्हें RTO में रजिस्टर नहीं कराना पड़ता) इस योजना में नहीं आतीं।
जो जानी-पहचानी गाड़ियाँ इस दायरे में आती हैं उनमें बजाज चेतक, TVS iQube, एथर रिज़्टा और हीरो विडा जैसी स्कूटी शामिल हैं। लेकिन हर वेरिएंट की कीमत अलग होती है, इसलिए शोरूम में जाकर उसी वेरिएंट के बारे में पूछिए जो आप ले रहे हैं।
ये योजना सिर्फ निजी इस्तेमाल तक सीमित नहीं है। कमर्शियल और कंपनी के नाम पर रजिस्टर होने वाली गाड़ियाँ भी इसमें आती हैं।
छूट मिलती कैसे है? कोई फॉर्म भरना पड़ता है?
नहीं। और यही इस योजना की सबसे अच्छी बात है।
आपको न कोई सरकारी दफ्तर जाना है, न कोई फॉर्म भरना है, न बाद में पैसे वापस आने का इंतज़ार करना है। छूट शोरूम में ही गाड़ी की कीमत से कट जाती है।
तरीका ये है:
- आप शोरूम जाकर स्कूटी पसंद करते हैं
- डीलर PM E-DRIVE पोर्टल पर आपका आधार वेरिफाई करता है
- एक e-वाउचर बनता है, जो आपके आधार से जुड़ा होता है
- उस वाउचर की रकम बिल में से घट जाती है
- आप बची हुई रकम देते हैं
यानी अगर स्कूटी ₹95,000 की है और छूट ₹5,000 की बनती है, तो आप ₹90,000 देंगे। पैसा सरकार बाद में सीधे कंपनी को देती है — उसमें आपका कोई काम नहीं।
आपको सिर्फ आधार कार्ड साथ ले जाना है। बस इतना।
आखिरी तारीख का पूरा सच
यहाँ दो बातें हैं जो ज़्यादातर लोग नहीं जानते, और दोनों ज़रूरी हैं।
पहली बात: रजिस्ट्रेशन की तारीख मायने रखती है, बुकिंग की नहीं
छूट उस गाड़ी को मिलती है जो 31 जुलाई 2026 तक रजिस्टर हो जाए। अगर आपने 29 जुलाई को बुकिंग करा दी लेकिन गाड़ी 3 अगस्त को रजिस्टर हुई, तो छूट नहीं मिलेगी।
इसलिए डीलर से सीधा सवाल पूछिए — “गाड़ी किस तारीख को रजिस्टर होगी?” — और जवाब लिखित में लीजिए। बुकिंग की रसीद पर ये लिखवा लेना सबसे सुरक्षित है।
दूसरी बात: तारीख से पहले भी बंद हो सकती है
ये योजना फंड-लिमिटेड है। कुल ₹10,900 करोड़ का बजट तय है, और सरकार ने साफ कहा है कि अगर ये पैसा पहले खत्म हो गया तो योजना 31 जुलाई से पहले ही बंद हो जाएगी।
अब देखिए हालात क्या हैं। योजना का लक्ष्य करीब 24.79 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का है। जनवरी 2026 के आँकड़ों के हिसाब से 19.19 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पहले ही बिक चुके थे। यानी लक्ष्य का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है।
सीधी बात — तारीख का इंतज़ार मत कीजिए।
आगे बढ़ेगी या नहीं?
खबरें ये हैं कि सरकार आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है, क्योंकि बजट लगभग इस्तेमाल हो चुका है और नई राशि देने पर बात चल रही है। लेकिन अभी तक कोई पक्का सरकारी ऐलान नहीं हुआ है।
“शायद बढ़ जाएगी” के भरोसे रुकना जोखिम है। अगर नहीं बढ़ी, तो ₹5,000 सीधे आपकी जेब से जाएँगे।
ताज़ा हालत खुद देखनी हो तो सरकार का पोर्टल है: pmedrive.heavyindustries.gov.in
राज्य की छूट अलग से मिलती है
ये बहुत लोग नहीं जानते। केंद्र की छूट और राज्य की छूट दो अलग चीज़ें हैं, और कई राज्यों में दोनों साथ मिल जाती हैं।
कुछ राज्य अपनी EV नीति के तहत अलग से पैसा देते हैं, कुछ रोड टैक्स माफ कर देते हैं, कुछ रजिस्ट्रेशन फीस हटा देते हैं। रोड टैक्स की छूट अकेले ही हज़ारों रुपये बचा सकती है, क्योंकि टू-व्हीलर पर रोड टैक्स आमतौर पर गाड़ी की कीमत का 6 से 12 प्रतिशत तक होता है।
हर राज्य का नियम अलग है और बदलता रहता है। इसलिए शोरूम में ये सवाल ज़रूर पूछिए:
- “इस पर राज्य की तरफ से कोई छूट मिलती है?”
- “रोड टैक्स लगेगा या माफ है?”
- “रजिस्ट्रेशन फीस में कोई छूट है?”
और जवाब ऑन-रोड कोटेशन में लिखा हुआ माँगिए, ज़ुबानी नहीं।
छूट खत्म हो गई तो क्या होगा?
ईमानदारी से — गाड़ी ₹5,000 महँगी हो जाएगी। बस इतना।
₹5,000 कोई छोटी रकम नहीं है, लेकिन ये भी सच है कि इलेक्ट्रिक स्कूटी का असली फायदा चलाने के खर्च में है, छूट में नहीं। हिसाब देखिए:
एक पेट्रोल स्कूटी करीब 45 किलोमीटर प्रति लीटर देती है। पेट्रोल ₹105 प्रति लीटर मानें तो एक किलोमीटर का खर्च करीब ₹2.30 बैठता है। इलेक्ट्रिक स्कूटी घर पर चार्ज करने पर लगभग 30 से 40 पैसे प्रति किलोमीटर में चलती है।
महीने में 1,000 किलोमीटर चलाने पर बचत करीब ₹1,900–₹2,000 हर महीने। यानी दो-ढाई महीने में ही वो ₹5,000 वसूल हो जाता है।
तो अगर आप 31 जुलाई तक नहीं ले पाते, तो घबराइए मत। छूट मिल जाए तो बोनस है, न मिले तो भी इलेक्ट्रिक का हिसाब गड़बड़ नहीं होता — बशर्ते आप रोज़ ठीक-ठाक चलाते हों और घर पर चार्जिंग की सुविधा हो।
लेने से पहले ये चार बातें ज़रूर देख लीजिए
छूट के चक्कर में जल्दबाज़ी करके गलत गाड़ी ले लेना सबसे महँगा सौदा है। ये चार चीज़ें पक्की कर लीजिए:
1. चार्जिंग की जगह है या नहीं। अगर गाड़ी खड़ी करने की जगह के पास बिजली का पॉइंट नहीं है, तो इलेक्ट्रिक स्कूटी रोज़ की परेशानी बन जाएगी। ये सबसे पहले तय कीजिए, गाड़ी बाद में।
2. बैटरी की वारंटी। बैटरी सबसे बड़ा खर्च है और 5 से 8 साल में बदलनी पड़ सकती है। PM E-DRIVE के तहत बिकने वाली गाड़ियों पर कम से कम 3 साल या 20,000 किलोमीटर की बैटरी वारंटी ज़रूरी है। वारंटी का कागज़ अपने हाथ में लेकर पढ़िए — क्या-क्या कवर है और क्या नहीं।
3. सर्विस सेंटर पास में है या नहीं। छोटे शहरों और कस्बों में इलेक्ट्रिक गाड़ी के सर्विस सेंटर अभी कम हैं। खरीदने से पहले पता कर लीजिए कि नज़दीकी सर्विस सेंटर कितनी दूर है। 60 किलोमीटर दूर वाला सर्विस सेंटर हर बार बड़ी मुसीबत बनेगा।
4. असली रेंज कितनी है। कंपनी जो रेंज बताती है वो तय टेस्ट हालात में निकलती है। असल में ये आमतौर पर 20 से 30 प्रतिशत कम रहती है — खासकर दो सवारी, चढ़ाई, या गर्मी में। अगर आपको रोज़ 60 किलोमीटर चलना है, तो कम से कम 90-100 किलोमीटर की बताई गई रेंज वाली गाड़ी देखिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PM E-DRIVE की छूट कितनी है?
₹2,500 प्रति kWh, ज़्यादा से ज़्यादा ₹5,000 प्रति गाड़ी। 1 अप्रैल 2025 से पहले ये ₹5,000 प्रति kWh (सीमा ₹10,000) थी, जिसे आधा कर दिया गया।
छूट लेने के लिए क्या-क्या चाहिए?
सिर्फ आधार कार्ड। बाकी काम डीलर PM E-DRIVE पोर्टल पर करता है और छूट शोरूम में ही कीमत से कट जाती है। कोई अलग फॉर्म या दफ्तर का चक्कर नहीं।
आखिरी तारीख क्या है?
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए 31 जुलाई 2026। पहले ये 31 मार्च 2026 थी, जिसे चार महीने बढ़ाया गया था। इलेक्ट्रिक तीन-पहिया (ई-रिक्शा, ई-कार्ट) के लिए योजना 31 मार्च 2028 तक चलेगी।
क्या तारीख आगे बढ़ेगी?
सरकार विचार कर रही है क्योंकि बजट लगभग इस्तेमाल हो चुका है, लेकिन अभी तक कोई पक्का ऐलान नहीं हुआ। ताज़ा जानकारी के लिए pmedrive.heavyindustries.gov.in देखिए।
बुकिंग करा ली है, गाड़ी अगस्त में मिलेगी — छूट मिलेगी?
नहीं। छूट रजिस्ट्रेशन की तारीख से तय होती है, बुकिंग से नहीं। डीलर से रजिस्ट्रेशन की तारीख लिखित में पूछिए।
क्या हर इलेक्ट्रिक स्कूटी पर छूट मिलती है?
नहीं। एक्स-फैक्ट्री कीमत ₹1.5 लाख तक होनी चाहिए, बैटरी एडवांस्ड (लिथियम-आयन) होनी चाहिए, और गाड़ी RTO में रजिस्टर होने वाली होनी चाहिए।
राज्य की छूट अलग से मिलती है क्या?
हाँ, कई राज्यों में। केंद्र और राज्य की छूट अलग-अलग होती हैं और अक्सर दोनों साथ मिल जाती हैं। कुछ राज्य रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस भी माफ करते हैं। शोरूम से ऑन-रोड कोटेशन में लिखवाकर पूछिए।
यहाँ दी गई जानकारी 29 जुलाई 2026 तक की है। सरकारी योजनाओं के नियम और तारीखें बदलती रहती हैं। खरीदने से पहले डीलर और सरकारी पोर्टल से आज की स्थिति ज़रूर पुष्टि कर लीजिए।
स्रोत: भारी उद्योग मंत्रालय, PM E-DRIVE आधिकारिक पोर्टल